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Monday

लौंग से 2 मिनट में ख़ांसी से राहत

भारत के आधे से ज़्यादा हिस्से में अब अच्छी-ख़ासी सर्दियां आ चुकी है। ठंड के इस मौसम में नर्म कंबल और फैशनेबल विंटर वियर पहनना जितना अच्छा लगता है, उतना हीबुरा लगता है ठंड में बीमार पड़ जाना। सर्दियों के मौसममें होने वाली सबसे आम बीमारी है सर्दी-खांसी। खांसी सुनने में जितनी आम समस्या लगती है, उतनी परेशानी पैदा करती है। रात के वक्त ये और बढ़ जाती है। खांसी दूर करनेके लिए आमतौर पर लोग कफ सिरप पी लेते हैं लेकिन उसका असरअगले दिन दिखता है जब दिनभर नींद जैसा  महसूस होता रहता है।मैं भी सर्दियों के मौसम में कम से कम दो-तीन बार ख़ांसीसे ज़रूर परेशान होती हूं। कफ़ सिरप पीने से परहेज़ करती हूं क्योंकि इसके साइड इफेक्ट्स मुझसे बर्दाश्त नहीं होते। ऐसे में, हाल ही में मेरी मम्मी ने मुझे खांसी दूर करने का एक ऐसा नुस्ख़ा समझाया जिससे तुरंत ख़ासी के दौरे में आराम मिल गया। उन्होंने मुझे अचानक तेज़ ख़ांसी आने पर तीन लौंग को आग में भूनकर दिया। ऐसा करके लौंग थोड़ी फूल जाती है। (ध्यान रखें लौंग को बहुत ज़्यादा आग में न भूने, इससे वो राख हो सकती है!) इन तीन भुनी लौंग को चबाकर खाने के बाद सिर्फ दो से तीन मिनट में ही मुझे आराम आ गया।
कैसे पहुंचाता है लौंग फायदा?
लौंग में यूं तो ढेर सारे पोषक तत्व जैसे कि विटामिन, आयोडीन, कैल्शियम, फास्फोरस और आयरन होते हैं। लेकिन सबसे ख़ास इसके एंटॉ-बैक्टीरियल तत्व होते हैं जो एलर्जिक ख़ांसी और देर तक ख़ांसी होने से पैदा हुए गले दर्द में भी आराम दिलाते हैं। साथ ही, लौंग में मौजूद इजेनॉल (eugenol) के कारण लौंग बलगम हटाता है और शरीर को गर्माहट देता है।अबकी बार आपको ख़ांसी परेशान करे या रात को अचानक ख़ांसी बढ़ जाए तो आप इस नुस्ख़े को आज़माकर देखें! हालांकि घरेलु और प्राकृतिक नुस्ख़ों के लिए ये बात कही जाती है कि हर किसी के शरीर को एक जैसा नुस्ख़ा सूट करे ये ज़रूरी नहीं। लेकिन तीन-चार भुनी लौंग खाने से आपको कोई नुकसान भी नहीं होगा। अपना अनुभव नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर लिखें!

गुड़ खाने से 18 फायदे


1- गुड़ खाने से नहीं होती गैस की दिक्कत
2- खाना खाने के बाद अक्सरमीठा खाने का मन करता हैं।इसके लिए सबसे बेहतर हैकि आप गुड़ खाएं।गुड़ का सेवन करने से आपहेल्दी रह सकते हैं
3 - पाचन क्रिया को सही रखना
4 - गुड़ शरीर का रक्त साफकरता है और मेटाबॉल्जिमठीक करता है।रोज एक गिलास पानी या दूधके साथ गुड़ का सेवन पेट कोठंडक देता है। इससे गैस कीदिक्कत नहीं होती।जिन लोगों को गैस की परेशानी है,वो रोज़ लंच या डिनर के बादथोड़ा गुड़ ज़रुर खाएं..
5 - गुड़ आयरन का मुख्य स्रोत है।इसलिए यह एनीमिया के मरीज़ोंके लिए बहुत फायदेमंद है।खासतौर पर महिलाओं केलिए इसका सेवन बहुतअधिक ज़रुर है.
6 - त्वचा के लिए, गुड़ ब्लड सेखराब टॉक्सिन दूर करता है,जिससे त्वचा दमकती है औरमुहांसे की समस्या नहीं होती है।
7 - गुड़ की तासीर गर्म है,इसलिए इसका सेवन जुकामऔर कफ से आराम दिलाता है।जुकाम के दौरान अगर आपकच्चा गुड़ नहीं खाना चाहते हैंतो चाय या लड्डू में भीइसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
8 - एनर्जी के लिए -बुहतज़्यादा थकान और कमजोरीमहसूस करने पर गुड़ कासेवन करने से आपका एनर्जीलेवल बढ़ जाता है।गुड़ जल्दी पच जाता है, इससेशुगर का स्तर भी नहीं बढ़ता.दिनभर काम करने के बादजब भी आपको थकान हो,तुरंत गुड़ खाएं।
9 - गुड़ शरीर के टेंपरेचर कोनियंत्रित रखता है।इसमें एंटी एलर्जिक तत्व हैं,इसलिए दमा के मरीज़ों केलिए इसका सेवन काफीफायदेमंद होता है।
10 - जोड़ों के दर्द में आराम--रोज़ गुड़ के एक टुकड़े केसाथ अदरक का सेवन करें,इससे जोड़ों के दर्द कीदिक्कत नहीं होगी।
11- गुड़ के साथ पके चावलखाने से बैठा हुआ गला वआवाज खुल जाती है।
12 - गुड़ और काले तिल केलड्डू खानेसे सर्दी में अस्थमाकी परेशानी नहीं होती है।
13 - जुकाम जम गया हो, तोगुड़ पिघलाकर उसकी पपड़ीबनाकर खिलाएं।
14 - गुड़ और घी मिलाकर खानेसे कान का दर्द ठीक हो जाता है।
15 - भोजन के बाद गुड़ खालेने से पेट में गैस नहीं बनती.
16 - पांच ग्राम सौंठ दस ग्रामगुड़ के साथ लेने से पीलियारोग में लाभ होता है।
17 - गुड़ का हलवा खाने सेस्मरण शक्ति बढती है।
18 - पांच ग्राम गुड़ को इतने हीसरसों के तेल में मिलाकर खानेसेश्वास रोग से छुटकारा मिलता है।

मोटापा एवं अनेक रोगों से मुक्त होने का अचूक उपाय

मेथी दाना -250 ग्राम ,
अजवाइन-100 ग्राम ,
काली जीरी-50 ग्राम ।
उपरोक्त तीनो चीज़ों को साफ़ करके हल्का सा सेंक लें ,फिर तीनों को मिलाकर मिक्सर मेंइसका पॉवडरबना लें और कांच की किसी शीशी में भर कर रख लें । रात को सोते समय 1/2 चम्मच पॉवडर एक गिलास कुनकुने पानी के साथ नित्य लें ,इसके बाद कुछ भी खाना यापीना नहीं है ।इसे सभी उम्र के लोग ले सकते हैं
फायदा पूर्ण रूप से 80-90 दिन में हो जायेगा ।
लाभ :-
इस चूर्ण को नित्य लेने से शरीर के कोने -कोने में जमा पड़ी सभी गंदगी (कचरा )मल और पेशाब द्वारा निकलजाता है ,
फ़ालतू चर्बी गल जाती है ,
चमड़ी की झुर्रियां अपने आप दूर हो जाती है ,
और शरीर तेजस्वी और फुर्तीला होजाता है ।
अन्य लाभ इस प्रकार हैं ----------
1. गठिया जैसा ज़िद्दी रोग दूर हो जाताहै ।
2. शरीर की रोग प्रतिकारक शक्ति को बढ़ाता है ।
3. पुरानी कब्ज़ से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है ।
4. रक्त -संचार शरीर में ठीक से होने लगता है ,शरीर की रक्त -नलिकाएं शुद्ध हो जाती हैं ,रक्त में सफाई और शुद्धता की वृद्धि होती है ।
5. ह्रदय की कार्य क्षमता में वृद्धिहोती है ,कोलेस्ट्रोलकम होता है ,जिस से हार्ट अटैक का खतरा नहीं रहता |
6. हड्डियां मजबूत होती हैं ,कार्य करने की शक्तिबढ़ती हैं ,स्मरण शक्ति में भी वृद्धि होतीहै ।थकान नहीं होती है ।
7. आँखों का तेज़ बढ़ता है ,बहरापन दूर होता है ,बालों का भी विकास होता है,दांत मजबूत होते हैं ।
8. भूतकाल में सेवन की गयी एलोपैथिकदवाओं के साइड -इफेक्ट्स से मुक्ति मिलतीहै ।
9. खाना भारी मात्रा में या ज्यादाखाने के बाद भी पच जाता है (इसका मतलब येनहीं है कि आप जानबूझ कर ज्यादा खा ले) ।
10. स्त्रियों का शरीर शादी के बादबेडौल नहीं होता ,शेप में रहता है ,,शादी के बाद होने वालीतकलीफें दूर होती हैं ।
11. चमड़ी के रंग में निखार आता है ,चमड़ी सूख जाना ,झुर्रियां पड़ना आदि चमड़ी के रोगों से शरीर मुक्त रहता है ।
12. शरीर पानी ,हवा ,धूपऔर तापमान द्वारा होने वाले रोगों से मुक्त रहता है
13. डाइबिटीज़ काबू में रहती है ,चाहें तोइसकी दवा ज़ारी रख सकते हैं।
14. कफ से मुक्ति मिलती है ,नपुंसकता दूर होती है,,व्यक्ति का तेज़ इस से बढ़ता है ,जल्दी बुढ़ापा नहीं आता ,। उम्र बढ़ जाती है |
15. कोई भी व्यक्ति ,किसी भी उम्र का हो ,इस चूर्ण का सेवन कर सकता
है,मात्रा का ध्यान रखें ।